Breaking News
स्वास्थ्य मंत्री से हुई वार्ता, चारों मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री से हुई वार्ता, चारों मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन
डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
दहेज हत्या में आरोपी पति व ननद पहुँचे सलाखों के पीछे
दहेज हत्या में आरोपी पति व ननद पहुँचे सलाखों के पीछे
यूपीसीएल कर्मचारियों को बड़ी राहत, प्रमोशन-स्थायीकरण को मिली मंजूरी, 190 पदों पर होगी भर्ती
यूपीसीएल कर्मचारियों को बड़ी राहत, प्रमोशन-स्थायीकरण को मिली मंजूरी, 190 पदों पर होगी भर्ती
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
शिकायती प्रकरणों पर अन्य विछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने की सुनवाई
शिकायती प्रकरणों पर अन्य विछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने की सुनवाई
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील

भू कानून, कितना सख्त कितना नरम? यह भविष्य बताएगा – कांग्रेस

भू कानून, कितना सख्त कितना नरम? यह भविष्य बताएगा – कांग्रेस

देहरादून। नये भू कानून पर धामी कैबिनेट की मुहर लगने के बाद कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी है। कांग्रेस ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के समय बने भू कानून को निरस्त करने पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य लैंड बैंक के मामले में पूरी तरह से बैंकरप्ट हो चुका है। गरिमा ने कहा कि पिछले 24 सालों में उत्तराखंड की भूमि का खुलकर चीरहरण हुआ और उसकी पूरी तरह से जिम्मेदार भाजपा की सरकारें रही है।

2000 में राज्य गठन के समय पर 2 साल के लिए भाजपा की अंतरिम सरकार बनी और परिसंपत्तियों का ठीक तरीके से बंटवारा नहीं हो पाया जिसके चलते आज की तारीख में भी उत्तराखंड की करोड़ों अरबों की भूमि उत्तर प्रदेश की गिरफ्त में है ।
उसके बाद की पहली निर्वाचित तिवारी सरकार हो या भुवन चंद खंडूरी सरकार उन्होंने भूमि की खरीद फरोख्त पर सख्त नियम बनाए। परंतु 2018 में आई त्रिवेंद्र रावत सरकार ने पूरी तरह से उत्तराखंड की भूमि को सेल पर लगा दिया।

दसोनी ने कहा कि जिस तरह से त्रिवेंद्र रावत सरकार के समय के भू कानून से जुड़े हुए सभी प्रावधानों को निरस्त किया गया है उससे कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि होती है कि 2017 और 2021 के बीच त्रिवेंद्र रावत की सरकार ने उत्तराखंड की भूमि को खुली लूट और छूट के लिए भू माफियाओं के सामने छोड़ दिया।

दसोनी ने कहा कि क्या धामी सरकार उस दौरान बिकी हुई भूमि भी उत्तराखंड को वापस दिला पाएगी ?और तो और धामी सरकार में एक और आत्मघाती कदम उठाया गया था वह था लैंड यूज में बदलाव।

गरिमा ने बताया कि पूर्व वर्ती सरकारों में यह नियम था कि कोई भी व्यक्ति खरीदी हुई भूमि पर 2 साल के अंदर-अंदर जिस प्रयोजन के लिए भूमि ली गई है उसका काम शुरू नहीं करता तो वह भूमि स्वत: सरकार में निहित हो जाएगी परंतु धामी सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए लोगों को समय अवधि और परपज दोनों में खुली छूट दे दी ।

गरिमा ने कहा कि क्या वह प्रावधान भी निरस्त होगा?
गरिमा ने यह भी पूछा कि सत्तारूढ़ दल के मंत्री और विधायक जिस तरह से प्रतिबंधित भूमि पर रिसॉर्ट और होटल बना रहे हैं क्या उन पर भी कार्यवाही होगी और पेनाल्टी ली जाएगी ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top