Breaking News
बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो प्लेटफार्म सील
बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो प्लेटफार्म सील
राखी लेकर एसएसपी दून से मिलने पहुंचीं नन्हीं बालिकाएं, बांधी राखी और लिया सुरक्षा का भरोसा
राखी लेकर एसएसपी दून से मिलने पहुंचीं नन्हीं बालिकाएं, बांधी राखी और लिया सुरक्षा का भरोसा
राज्य सहकारी नीति-2026 को कैबिनेट से मिली मंजूरी
राज्य सहकारी नीति-2026 को कैबिनेट से मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रक्षाबंधन व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रक्षाबंधन व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान
आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी- मुख्यमंत्री
आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी- मुख्यमंत्री
मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री
मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री
पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
इमरान हाशमी की ‘गन मास्टर जी 9’ का टीजर जारी
इमरान हाशमी की ‘गन मास्टर जी 9’ का टीजर जारी

एक देश, एक चुनाव व्यवहारिक और समझदारी नहीं – कांग्रेस

एक देश, एक चुनाव व्यवहारिक और समझदारी नहीं – कांग्रेस

चुनाव एक साथ होने पर पांच साल तक जनता की कोई सुध नहीं लेगा- कांग्रेस

कांग्रेस ने पूर्व राष्ट्रपति की रिपोर्ट का जिक्र किया

देहरादून। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा एक देश एक चुनाव की पैरोकारी किए जाने पर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा ने प्रतिक्रिया दी है। दसौनी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र और राज्य के मुद्दे अलग-अलग होते हैं ऐसे में यदि केंद्र और राज्यों के चुनाव एक साथ होंगे तो राज्यों के मुद्दे गौण हो जाएंगे और केंद्र के मुद्दे चुनाव के दौरान हावी रहेंगे।

वहीं दूसरी ओर बार-बार चुनाव होने से कोई भी राजनीतिक दल या नेता चुनाव के बाद निष्क्रिय नहीं हो पाएगा क्योंकि कभी विधानसभा चुनाव के लिए तो कभी लोकसभा और कभी निकाय चुनाव के लिए उसको बार बार जनता के दरवाजे पर वोट मांगने के लिए जाना ही होगा।
इसलिए चुनाव रिजल्ट ओरिएंटेड और विकास ओरिएंटेड रहेंगे और निरंतर राजनीतिक दल और उसके नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच में बने रहेंगे ।

परंतु यदि चुनाव एक साथ हो जाते हैं तो 5 साल तक जनता की कोई सुध तक नहीं लेगा। गरिमा के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बार-बार चुनाव होने की वजह से देश की जीडीपी प्रभावित होती है जो कि बिल्कुल गलत तथ्य है जीडीपी की वृद्धि बहुत सारे मानकों पर निर्भर करती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संविधान में संशोधन के लिए राज्यों की अनुमति की जरूरत नहीं होगी, जो कि देश की संघीय व्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक है।

यह भी कहा गया है कि राज्यों के मतदाता सूची से राज्य चुनाव आयोग का कोई लेना-देना नहीं होगा और मतदाता सूची पर अंतिम निर्णय भारतीय निर्वाचन आयोग का होगा जो कहीं ना कहीं एक घातक निर्णय है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जो भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनाव एक चरण में नहीं करवा पा रही है उसके लिए उसे सात चरणों की जरूरत पड़ रही है वह पूरे देश में एक चुनाव क्या करवाएगी?

कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा कार्यकाल के बीच में मात्र 23 दिन का अंतर था परंतु हरियाणा और जम्मू कश्मीर के चुनाव तो घोषित हो गए परंतु बाकी दो राज्यों में जो विधानसभा चुनाव होने हैं उनकी तिथि अभी तक घोषित नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि देश में पहले एक साथ चुनाव नहीं हुआ करते थे परंतु समय के साथ-साथ समीकरणों में बहुत सारी जटिलताएं आई हैं और एक साथ चुनाव करवाए जाने के लिए बड़ी संख्या में वीवीपैट और ईवीएम मशीन की जरूरत होगी जिनकी लागत प्रतिवर्ष बढ़ रही है और एक साथ चुनाव करवाने में देश के ऊपर एक बड़ा खर्च जबरन लादा जाएगा । एक देश एक चुनाव कहीं से कहीं तक व्यावहारिक और समझदारी का फैसला नहीं दिखाई पड़ता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top