Breaking News
राष्ट्रपति भवन के एट होम रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन
राष्ट्रपति भवन के एट होम रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन
सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है- डॉ पंकज कुमार पांडेय
सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है- डॉ पंकज कुमार पांडेय
स्वास्थ्य मंत्री से हुई वार्ता, चारों मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री से हुई वार्ता, चारों मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन
डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
दहेज हत्या में आरोपी पति व ननद पहुँचे सलाखों के पीछे
दहेज हत्या में आरोपी पति व ननद पहुँचे सलाखों के पीछे
यूपीसीएल कर्मचारियों को बड़ी राहत, प्रमोशन-स्थायीकरण को मिली मंजूरी, 190 पदों पर होगी भर्ती
यूपीसीएल कर्मचारियों को बड़ी राहत, प्रमोशन-स्थायीकरण को मिली मंजूरी, 190 पदों पर होगी भर्ती
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

इस वर्ष डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए भगवान तुंगनाथ के दर्शन

रुद्रप्रयाग।  तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए विधि-विधान के साथ आज बंद कर दिए गए। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऊँचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन किए। आंकड़ों के अनुसार इस बार लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने तुंगनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन प्राप्त किए।

कपाट बंद होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली आज प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक और भावुक प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में सुबह करीब साढ़े दस बजे कपाट बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर ठीक 11:30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top