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दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने में नाविक सैटेलाइट की भूमिका महत्वपूर्ण- महाराज

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भारतीय सेना के आगे धरे रह गये पाक के न्यूक्लियर वेपन्स

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण,पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के ठिकानों को चुन-चुनकर तबाह कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एयर बेस और आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में नाविक उपग्रह की भी अति महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बताया कि नाविक उपग्रह एक स्वदेशी नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने विकसित किया है। यह नेविगेशन, समय निर्धारण और स्थिति निर्धारण सेवाएं प्रदान करता है। यह अमेरिका के जीपीएस (GPS) की तरह ही काम करता है। नाविक का उपयोग स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, आपदा प्रबंधन, वाहन ट्रैकिंग और अन्य कई अनुप्रयोगों में किया जाता है। नाविक सैटेलाइट का एक नमूना मसूरी स्थित जार्ज एवरेस्ट के संग्रहालय में भी रखा गया है।

महाराज ने कहा कि इस आपरेशन में हमारी सेना की बहादुरी, कौशल और समर्पण ने एक बार फिर देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने आपरेशन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसएए अजित डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, नौ सेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी.सिंह, भारतीय सेना सभी अधिकारियों और सेना की भूमिका की सराहना करते हुए बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर की सफलता ने दिखा दिया है कि हमारी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और वह देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और देश की जनता को गर्व महसूस कराया है। आपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी महिला अधिकारियों की भूमिका भी अति महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने अपनी बहादुरी, कौशल और सूझबूझ से इस आपरेशन को अंजाम दिया है। पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए इस अघोषित युद्ध के पश्चात निश्चित रूप से भारत की शक्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है और भारत विश्व की एक महाशक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है।

महाराज ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत पर बार-बार न्यूक्लियर हमले की गीदड़ भपकी देने वाले पाकिस्तान के नूरखान एयर बेस पर भारतीय सेना के हमले के बाद उसके न्यूक्लियर वेपन्स धरे के धरे रह गये हैं। बताया तो यहां तक भी जा रहा है कि पाकिस्तान के किराना हिल्स पर स्थित उसके न्यूक्लियर वेपन्स भी भारतीय हमले की जद में आये हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत में जिस प्रकार की कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान के आतंकवादी व सैन्य ठिकानों को तबाह किया उससे न केवल विश्व को भारत की ताकत का पता चला है बल्कि पाकिस्तान को भी घुटने टेकने पर विवश होना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि “कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)” द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान की मदद करने वाले देश तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार का निर्णय उचित एवं स्वागत योग्य है।

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