Breaking News
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव

गर्मियों में भी बढ़ सकता है अस्थमा अटैक का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

गर्मियों में भी बढ़ सकता है अस्थमा अटैक का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

हर साल मई के पहले मंगलवार को मनाया जाने वाला विश्व अस्थमा दिवस लोगों को श्वसन संबंधी बीमारी अस्थमा के प्रति जागरूक करने का अवसर देता है। इस दिन का उद्देश्य न सिर्फ बीमारी की पहचान और इलाज को बेहतर बनाना है, बल्कि बदलते मौसम में इसके खतरों से बचाव के उपायों को भी सामने लाना है।

अस्थमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन के कारण सांस लेने में कठिनाई होती है। धूल, धुआं, प्रदूषण और एलर्जी इसके प्रमुख कारण हैं। आमतौर पर सर्दियों को अस्थमा के लिए ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन अब विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गर्मी भी मरीजों के लिए उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सचान के अनुसार, मौसम में अत्यधिक ठंड या गर्मी—दोनों ही स्थितियां अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। बढ़ते तापमान के साथ हवा में ओजोन और प्रदूषक तत्वों का स्तर बढ़ जाता है, जो सांस की नलियों को प्रभावित करते हैं और अटैक का खतरा बढ़ा देते हैं।

गर्मियों में डिहाइड्रेशन भी एक बड़ी समस्या बन जाता है। शरीर में पानी की कमी होने से फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा उमस और खराब एयर क्वालिटी भी अस्थमा को ट्रिगर करने वाले अहम कारक हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के दिनों में अस्थमा रोगियों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। घर में साफ-सफाई बनाए रखना, एसी और कूलर के फिल्टर नियमित साफ करना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार इनहेलर और दवाओं का उपयोग करना और बाहर निकलते समय मास्क पहनना भी काफी हद तक जोखिम को कम कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के साथ सतर्कता और सही देखभाल से अस्थमा के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

(साभार)

Back To Top