Breaking News
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कितना असरदार है करेला जूस? जानिए विशेषज्ञों की राय
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कितना असरदार है करेला जूस? जानिए विशेषज्ञों की राय
NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
बिजली का खंभा लगाते समय हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से झुलसे पांच मजदूर, एक की मौत
बिजली का खंभा लगाते समय हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से झुलसे पांच मजदूर, एक की मौत
एमडीडीए कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन, अधिकारियों-कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर किया प्रतिभाग
एमडीडीए कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन, अधिकारियों-कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर किया प्रतिभाग
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज, 19 को मुख्यमंत्री की अगुवाई में होगी ‘रन फॉर योग’
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज, 19 को मुख्यमंत्री की अगुवाई में होगी ‘रन फॉर योग’
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन

देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब कहलाएंगे ‘लोक भवन’

देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब कहलाएंगे ‘लोक भवन’

गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद राज्यपाल सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्यपाल के आधिकारिक आवासों के नाम में बड़ा बदलाव करते हुए देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवनों को अब ‘लोक भवन’ नाम देने का निर्णय लागू कर दिया है। जारी अधिसूचना के साथ दोनों भवनों का नाम औपचारिक रूप से बदल गया। शासन स्तर पर बीते कुछ समय से इस परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी।

गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब तुरंत प्रभाव से लोक भवन कहलाएंगे। यह परिवर्तन सरकारी अभिलेखों, पत्राचार और सभी आधिकारिक प्रयोजनों में लागू होगा।

इस नाम परिवर्तन के पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी जुड़ा है। ‘राजभवन’ शब्द की जड़ें ब्रिटिश शासनकाल में हैं, जब अंग्रेजी प्रशासन अपने उच्चाधिकारियों के आवासों को गवर्नमेंट हाउस कहा करता था। स्वतंत्रता के बाद इन्हीं भवनों को राज्यपालों का आवास घोषित किया गया और समय के साथ इन्हें ‘राजभवन’ के नाम से पहचाना जाने लगा। अब राज्य सरकार ने इस औपनिवेशिक पहचान को बदलते हुए इसे जनता-केन्द्रित नाम लोक भवन देने का फैसला लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top