Breaking News
कांवड़ यात्रा के लिए देहरादून में विशेष ट्रैफिक प्लान, धर्मावाला से डायवर्ट होंगे कांवड़ वाहन
कांवड़ यात्रा के लिए देहरादून में विशेष ट्रैफिक प्लान, धर्मावाला से डायवर्ट होंगे कांवड़ वाहन
‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी
‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी
पर्यटन सीजन में खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, होटल-रेस्तरां से अधिक नमूने लेने के निर्देश
पर्यटन सीजन में खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, होटल-रेस्तरां से अधिक नमूने लेने के निर्देश
रायपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई वाहन चोरी, आरोपी गिरफ्तार
रायपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई वाहन चोरी, आरोपी गिरफ्तार
क्राइम मीटिंग में एसएसपी का कडा रूख, लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को दी सख्त हिदायत
क्राइम मीटिंग में एसएसपी का कडा रूख, लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को दी सख्त हिदायत
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी

वन संरक्षण कानून में किए गए संशोधनों से कमजोर होगी पर्यावरण संरक्षण की नीति- जयराम रमेश

वन संरक्षण कानून में किए गए संशोधनों से कमजोर होगी पर्यावरण संरक्षण की नीति- जयराम रमेश

वन संरक्षण कानून संशोधन पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली। कांग्रेस ने वन संरक्षण कानून में वर्ष 2023 में किए गए संशोधनों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि इन बदलावों के जरिए देश में वन प्रबंधन को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो पर्यावरण सुरक्षा और पारंपरिक वन नीति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी को जारी एक सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के फैसलों से जंगलों के संरक्षण की मूल भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2023 में वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में किए गए संशोधन संसद में जल्दबाजी में पारित कराए गए थे।

जयराम रमेश के अनुसार, संशोधन के तहत न केवल कानून का नाम बदलकर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम किया गया, बल्कि जंगलों के संचालन और प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों में भी बड़े बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस ने चेताया था कि इन संशोधनों से निजी संस्थाओं के लिए जंगलों में प्रवेश का रास्ता खुलेगा और अब मंत्रालय का ताजा सर्कुलर उसी दिशा में संकेत दे रहा है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मौजूदा कदम केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इससे जंगलों के व्यावसायिक इस्तेमाल को और बढ़ावा मिल सकता है। पार्टी का आरोप है कि इससे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के हितों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक, यदि राज्य सरकारें किसी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था के साथ मिलकर प्राकृतिक पुनरुत्पादन, वृक्षारोपण या वन प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां संचालित करती हैं, तो इन्हें वन गतिविधि माना जाएगा। ऐसे मामलों में प्रतिपूरक वनीकरण और नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) के भुगतान जैसी शर्तें लागू नहीं होंगी। इसके साथ ही राज्यों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे इन गतिविधियों से होने वाले राजस्व के बंटवारे का ढांचा स्वयं तय करें।

कांग्रेस का कहना है कि इन प्रावधानों से जंगलों के निजी और व्यावसायिक प्रबंधन की राह आसान हो गई है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top