Breaking News
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील
ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- युद्ध खत्म करने का फैसला मैं करूंगा
ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- युद्ध खत्म करने का फैसला मैं करूंगा
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ट्रेलर रिलीज, सात भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में देगी दस्तक
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ट्रेलर रिलीज, सात भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में देगी दस्तक
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

बारह बजे हुआ रामलला का सूर्य तिलक, चार मिनट तक सूर्य की किरणों ने किया अभिषेक 

बारह बजे हुआ रामलला का सूर्य तिलक, चार मिनट तक सूर्य की किरणों ने किया अभिषेक 

अयोध्या। राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठीक बारह बजे रामलला का सूर्य तिलक हुआ। भगवान सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक का चार मिनट तक अभिषेक करती रहीं। पूरे दुनिया इस दृश्य की साक्षी बनी। सूर्य तिलक को सही तरीके से कराने के लिए इसरो के साथ देश के विभिन्न आईआईटी के वैज्ञानिक इसका पूर्वाभ्यास करते रहे। शनिवार को अंतिम बार इसका सफल ट्रायल किया गया था।रामजन्मोत्सव पर रामलला ने रत्न जड़ित पीले वस्त्र और सोने का मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। दोपहर ठीक 12 बजे रामजन्म के साथ ही सूर्य की किरणों ने चार मिनट तक रामलला का ‘सूर्य तिलक’ किया। अध्यात्म व विज्ञान के इस अद्भुत संगम को हर कोई अपनी आंखों में बसाने को लालायित दिखा।

इसके पहले सुबह 3:30 बजे से मंदिर के कपाट खोल दिए गए। रामलला का श्रृंगार, राग-भोग, आरती व दर्शन का क्रम चलता रहा। बालक राम सहित उत्सव मूर्ति की मनमोहक छवि के दर्शनकर भक्त मंत्रमुग्ध होते रहे। भजन, स्तुति के बीच जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 12 की ओर बढ़ीं। लोगों की आतुरता भी बढ़ती गई। पुजारी ने मंदिर के कपाट खोले तो घंटा घड़ियाल बजने के साथ ही भक्तों ने भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी… छंद गायन शुरू कर दिया। पूजन के साथ ही भगवान भाष्कर ने रामलला का राजतिलक किया।

मंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें गिरीं। यहां से परावर्तित होकर पीतल के पाइप में पहुंचीं। पाइप में लगे दर्पण से टकराकर किरणें 90 डिग्री कोण में बदल गई। लंबवत पीतल के पाइप में लगे तीन लेंसों से किरणें आगे बढ़ते हुए गर्भगृह में लगे दर्पण से टकराई।यहां से 90 डिग्री का कोण बनाकर 75 मिलीमीटर टीके के रूप में रामलला के ललाट को सुशोभित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top