Breaking News
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, 37.76 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी
आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, 37.76 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी
नैनीताल में दो आरोपियों पर जिला बदर की कार्रवाई, छह माह के लिए जिले से निष्कासन
नैनीताल में दो आरोपियों पर जिला बदर की कार्रवाई, छह माह के लिए जिले से निष्कासन
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने की तीन विभागों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने की तीन विभागों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन दिन में हुआ भूमि का दाखिल-खारिज

जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन दिन में हुआ भूमि का दाखिल-खारिज

एक वर्ष से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही महिला को मिला इंसाफ

देहरादून। ओगल भट्टा निवासी किरन देवी को लंबे समय से भूमि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में आ रही परेशानियों से आखिरकार निजात मिल गई है। किरन देवी ने 01 अगस्त को जिलाधिकारी सविन बंसल से जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर अपनी फरियाद दर्ज कराई थी।

महिला ने बताया कि उनके पति अर्द्धसैनिक बल में कार्यरत हैं और उन्होंने जून 2024 में शीशमबाड़ा क्षेत्र में 0.00082 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भूमि का दाखिल-खारिज नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वकील, पीएनबी एजेंट और अन्य संबंधित लोग उन्हें बरगला रहे हैं और स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन तहसीलदार विकासनगर से अद्यतन रिपोर्ट तलब की। निर्देशों के अनुपालन में मामले की वस्तुस्थिति की पुष्टि के बाद मात्र तीन दिनों में भूमि का दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूर्ण कर किरन देवी के नाम भूमि अंकित कर दी गई।

किरन देवी ने जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें अब जाकर न्याय मिला है, जब सभी दरवाजे बंद लग रहे थे तब जिलाधिकारी से ही अंतिम उम्मीद बची थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top