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ईरान का नया दांव: अमेरिका से वार्ता के लिए तीन-चरणीय फॉर्मूला पेश

ईरान का नया दांव: अमेरिका से वार्ता के लिए तीन-चरणीय फॉर्मूला पेश

युद्धविराम से परमाणु मुद्दे तक, ईरान ने बातचीत की रखी शर्तें

तेहरान। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को दोबारा पटरी पर लाने के लिए एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव सामने रखा है। तीन चरणों में तैयार इस फॉर्मूले को लेकर संकेत दिए गए हैं कि तेहरान अब सीधे किसी समझौते से पहले भरोसा बहाली और सुरक्षा गारंटी को प्राथमिकता देना चाहता है। इससे क्षेत्रीय हालात पर भी नजरें टिक गई हैं।

तीन चरणों में बातचीत का खाका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपना प्रस्ताव पहुंचाया है। इसमें साफ कहा गया है कि किसी भी नई वार्ता की शुरुआत पहले चरण से होगी, जिसमें पूर्ण युद्धविराम और भविष्य में ईरान व लेबनान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी शामिल है।

दूसरे चरण में दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से अहम समुद्री मार्ग के संचालन और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है।

तीसरे और अंतिम चरण में ही ईरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार होगा। यह वही मुद्दा है, जिस पर लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगी देश कड़ा रुख अपनाए हुए हैं।

अमेरिका का सतर्क रुख
व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर बातचीत मीडिया के बजाय कूटनीतिक चैनलों के जरिए ही की जाएगी। साथ ही, अमेरिका ने दोहराया है कि वह किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

राजनयिक गतिविधियां तेज, मतभेद बरकरार
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की लगातार विदेश यात्राएं जारी हैं। पाकिस्तान और ओमान के बाद अब उनका रूस दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां क्षेत्रीय तनाव और संभावित संघर्ष-विराम पर चर्चा हो सकती है।

हालांकि, दोनों देशों के बीच अब भी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। हाल ही में हुई बातचीत के दौर भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में, ईरान का यह नया प्रस्ताव कूटनीतिक गतिरोध को तोड़ने की कोशिश जरूर है, लेकिन इससे समाधान कितनी जल्दी निकलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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