Breaking News
राहुल गांधी की बयानबाजी के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, फूंका पुतला
राहुल गांधी की बयानबाजी के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, फूंका पुतला
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों ने की भेंट
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों ने की भेंट
जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री
जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री
सीजेपी के प्रदर्शन को संबित पात्रा ने बताया ‘फ्लॉप शो’, विपक्ष पर लगाए अराजकता फैलाने के आरोप
सीजेपी के प्रदर्शन को संबित पात्रा ने बताया ‘फ्लॉप शो’, विपक्ष पर लगाए अराजकता फैलाने के आरोप
Gold-Silver Price- सोने की कीमत में ₹1,900 का उछाल, चांदी भी हुई ₹4,500 महंगी
Gold-Silver Price- सोने की कीमत में ₹1,900 का उछाल, चांदी भी हुई ₹4,500 महंगी
अखरोट या बादाम, दिमाग के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद? जानिए दोनों के पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभों के बारे में
अखरोट या बादाम, दिमाग के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद? जानिए दोनों के पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभों के बारे में
नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका इस अपमान को नहीं भूलेगा
नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका इस अपमान को नहीं भूलेगा
प्यार, जुदाई और एक्शन का तड़का, रिलीज हुआ गुरमीत चौधरी की फिल्म ‘तुम मेरे हो’ का ट्रेलर
प्यार, जुदाई और एक्शन का तड़का, रिलीज हुआ गुरमीत चौधरी की फिल्म ‘तुम मेरे हो’ का ट्रेलर
नशे के नेटवर्क पर होगा करारा प्रहार, ड्रग्स माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
नशे के नेटवर्क पर होगा करारा प्रहार, ड्रग्स माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

हाथ से फिसलती डोर

हाथ से फिसलती डोर

बेंजामिन नेतन्याहू को मालूम है कि जब युद्ध ठहर जाएगा, तब इजराइल के अंदर उनसे सात अक्टूबर 2023 को हुई सुरक्षा चूक और गजा में अंधाधुंध सैनिक कार्रवाई की उनकी रणनीति को लेकर अनेक गंभीर सवाल पूछे जाएंगे। फिलस्तीनियों के खिलाफ युद्ध ना रोकने की जिद अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भारी पडऩे लगी है। सभी तरफ यह अहसास गहरा चुका है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए नेतन्याहू युद्ध को लंबा खिंच रहे हैं। नेतन्याहू को मालूम है कि जब युद्ध ठहर जाएगा, तब इजराइल के अंदर उनसे सात अक्टूबर 2023 को हुई सुरक्षा चूक और गजा में अंधाधुंध सैनिक कार्रवाई की उनकी रणनीति को लेकर गंभीर सवाल पूछे जाएंगे। जब युद्ध शुरू हुआ, तब नेतन्याहू कथित न्यायिक सुधारों को लेकर देश में घिरे हुए थे। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इससे संबंधित कानून को रद्द कर दिया। इससे उनकी राजनीतिक स्थिति और कमजोर हो गई है। इस बीच बिना किसी सैनिक उद्देश्य गजा में कत्ल-ए-आम जारी रखने की उनकी रणनीति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गजा में 25 हजार से अधिक फिलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमे आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। 62 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। वहां की 85 प्रतिशत आबादी बेघर हो चुकी है।

इसलिए भले ही दिखावटी तौर पर, लेकिन अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन को भी अब संकेत देना पड़ रहा है कि वह गजा में इजराइली कार्रवाई रोकना चाहता है। इस बीच यूरोपियन यूनियन ने एक विशेष बैठक बुलाई है, जिसके लिए तैयार एजेंडे में सदस्य देशों से यह कहा गया है कि वे नेतन्याहू को यह संदेश दें कि फिलस्तीनियों के लिए अलग संप्रभु राज्य के गठन के लिए तैयार नहीं होने पर उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दक्षिण अफ्रीका की याचिका पर हुई कार्यवाही पहले ही इजराइल और उसके समर्थक देशों की छवि को बेहद मलीन कर चुकी है। उधर एक अमेरिकी अखबार के मुताबिक इजराइल में अब उद्विग्नता का माहौल है। सैन्य विशेषज्ञ  यह दो टूक कह रहे हैं कि हमास को जड़ से उखाडऩे की नेतन्याहू की घोषणाएं दिवास्वप्न हैं। इसी माहौल का परिणाम बीते सप्ताहांत देखने को मिला, जब हजारों इजराइली नेतन्याहू विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए सडक़ों पर उतर आए। यह नेतन्याहू के हाथ से डोर फिसलने का ठोस संकेत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top