Breaking News
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

सख्त भू-कानून को मिली कैबिनेट की मंजूरी, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

सख्त भू-कानून को मिली कैबिनेट की मंजूरी, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

देहरादून। राज्य सरकार द्वारा सख्त भू-कानून को कैबिनेट में मंजूरी देने के ऐतिहासिक निर्णय पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे राज्य की संस्कृति, विरासत और अस्मिता की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर बताया।

कृषि मंत्री ने कहा कि लंबे समय से भू-कानून को सख्त बनाने की मांग उठ रही थी। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए धामी सरकार ने विभिन्न राज्यों के भू-कानूनों का अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए सर्वोत्तम नीति बनाई। यह निर्णय राज्यवासियों के हक और पहचान को सुरक्षित करने के साथ-साथ भूमि और परंपराओं की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़े रहने का संकल्प है। उन्होंने कहा इस कदम से न केवल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की जमीन और संसाधनों पर उनका अधिकार भी सुदृढ़ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top