Breaking News
खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी
खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी
आईपीएल 2026- सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
हीट वेव का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
हीट वेव का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली महिला आक्रोश मशाल यात्रा
महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली महिला आक्रोश मशाल यात्रा
एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
मंत्री गणेश जोशी ने रिटायर्ड हवलदार उदय सिंह थापा को दी 100वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं
मंत्री गणेश जोशी ने रिटायर्ड हवलदार उदय सिंह थापा को दी 100वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई- यशपाल आर्य
भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई- यशपाल आर्य
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी

असहाय विधवा को डीएम का सहारा, बैंक ऋण कराया समाप्त

असहाय विधवा को डीएम का सहारा, बैंक ऋण कराया समाप्त

‘नंदा-सुनंदा योजना’ और RTE से बच्चों का भविष्य सुरक्षित

देहरादून। जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली एक बार फिर सामने आई है। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही विधवा क्षमा परवीन को जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से बड़ी राहत मिली है। वर्षों पुराने बैंक ऋण से मुक्ति दिलाने के साथ ही प्रशासन ने उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को भी सुरक्षित करने की पहल की, जिससे एक असहाय परिवार को नई उम्मीद मिली है।

क्षमा परवीन ने वर्ष 2014 में अपनी बड़ी बेटी के विवाह के लिए डीसीबी बैंक से करीब सवा लाख रुपये का ऋण लिया था। उसी वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में घिर गया। इसके बाद वर्ष 2020 में कोविड के दौरान उनकी विवाहित बेटी की भी मृत्यु हो गई। लगातार विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह ऋण चुकाने में असमर्थ रहीं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के माध्यम से समाप्त कराया गया। साथ ही बैंक से नो ड्यूज और एनओसी जारी कराई गई। सेटलमेंट के बाद शेष 33 हजार रुपये की राशि भी जिला प्रशासन द्वारा जमा कराई गई।

प्रशासन ने परिवार के पुनर्वास की दिशा में भी पहल की। छोटी बेटी फैजा की शिक्षा “नंदा-सुनंदा योजना” के तहत दोबारा शुरू कराते हुए 27 हजार रुपये की फीस जमा कराई गई। वहीं, 5 वर्षीय नातिन आयरा का आरटीई के तहत नजदीकी निजी स्कूल में दाखिला दिलाया गया। दाखिले में आ रही आय प्रमाण पत्र की बाधा को मौके पर ही दूर कर प्रमाण पत्र जारी कराया गया।

वर्तमान में क्षमा परवीन पर तीन अविवाहित बेटियों, एक पुत्र और नातिन के भरण-पोषण व शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी है। ऐसे में जिला प्रशासन की यह मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए वह निरंतर तत्पर रहेगा।

Back To Top