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गांव वासियों के बीच सीएम धामी ने कहा—टुंडी–बारमौ मेरी जड़ें और मेरी पहचान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पैतृक क्षेत्र कनालीछीना के टुंडी–बारमौं गांव पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। लंबे समय बाद अपने गांव लौटे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद भावुक और यादगार रहा। उन्होंने बताया कि यही वह स्थान है जहां उनका बचपन बीता, जहां उन्होंने पहली बार विद्यालय का रुख किया और जहां की संस्कृति व परंपराओं ने उनके व्यक्तित्व की नींव रखी।

गांव पहुंचने पर बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद दिया, जबकि महिलाओं और बच्चों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बुजुर्ग अब भी उन्हें उनके बचपन के नाम से पुकारते हैं, जो उनके लिए अत्यंत स्नेह और अपनत्व का अनुभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं की मुस्कान देखकर पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं।

मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि टुंडी–बारमौं सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि उनकी जड़ें, उनके संस्कार और उनकी पहचान है। उन्होंने ग्रामीणों के प्रेम और भरोसे को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि गांववासियों का साथ और समर्थन उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

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