Breaking News
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट
प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए- कुसुम कंडवाल
महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए- कुसुम कंडवाल
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

विश्व अंगदान दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में गुर्दा दानदाताओं का सम्मान

विश्व अंगदान दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में गुर्दा दानदाताओं का सम्मान
  • किडनी दान कर कई जिंदगियां बचाने वाले नायकों को मिला सम्मान-पत्र और पुरस्कार

  • देहरादून। विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने समाज के सच्चे नायकों गुर्दा दानदाताओं को सम्मानित किया। बुधवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में किडनी दानदाताओं को सम्मान-पत्र और पुरस्कार देकर उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया।

श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डॉ. अशोक नायक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय पंडिता ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने कहा “अंगदान, किसी व्यक्ति द्वारा किसी अजनबी को दिया गया जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है। एक मृत व्यक्ति अपने अंगों से आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है।”

उन्होंने एक प्रेरक उदाहरण साझा किया। पिछले वर्ष 19 वर्षीय बच्चे, जिनकी असमय मृत्यु हो गई, उनके परिवार ने साहसिक निर्णय लेते हुए उनकी दोनों किडनी, लिवर और आंखें दान कीं। इस निर्णय ने न केवल चार गंभीर मरीजों को नया जीवन दिया बल्कि दो लोगों को दृष्टि भी लौटाई। “ऐसी मिसालें समाज को यह सिखाती हैं कि मृत्यु के बाद भी हम दूसरों के लिए जीवन बन सकते हैं,” डॉ. आलोक ने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में अब तक 30 सफल किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। इस यूनिट में अत्याधुनिक सुविधाएं और अनुभवी टीम मौजूद है, जिसमें डॉ. आलोक कुमार, डॉ. विवेक रुहेला, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. कमल शर्मा, डॉ. विवेक विज्जन और डॉ. विमल कुमार दीक्षित शामिल हैं।

डाॅ आलोक कुमार ने अंगदान की प्रक्रिया, जागरूकता और परिवार की भूमिका पर विस्तार से बताया। उपस्थित सभी ने इस संकल्प को दोहराया कि अंगदान को जन-जन तक पहुंचाना ही सबसे बड़ी सेवा है। इस अवसर पर डाॅ डोरछम ख्रेमे, किडनी ट्रांसप्लांट कोओर्डिनेटर सुषमा कोठियाल भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top