FYOLI Times https://fyolitimes.com News Portal Tue, 09 Jun 2026 11:53:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://fyolitimes.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Fyoli-Times-32x32.png FYOLI Times https://fyolitimes.com 32 32 230750028 देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू https://fyolitimes.com/blueberry-cultivation-begins-in-dehradun-for-the-first-time-pilot-project-launched-with-10-farmers/ Tue, 09 Jun 2026 11:53:00 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28924

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में ब्लूबेरी फार्मिंग की नई पहल, किसानों को मिलेगा लाभ

80 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे 500 ब्लूबेरी पौधे, किसानों का मिलेगा बड़ा लाभ

नाबार्ड द्वारा निर्मित पॉली हाउस पर ही की जाएगी ब्लूबेरी की खेती

जिला योजना में शामिल ब्लूबेरी पायलट मिशन, जिला प्रशासन का विशेष फोकस

ब्लूबेरी फार्मिंग को बनाया जाएगा सफल मॉडल, किसानों के साथ खड़ा रहेगा प्रशासन-डीएम

देहरादून। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जनपद में पहली बार ब्लूबेरी खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन और उद्यान विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों के विकल्प विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा सहसपुर क्षेत्र की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद ब्लूबेरी उत्पादन के लिए इसे उपयुक्त पाया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सहसपुर ब्लॉक के 10 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को 500 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती के लिए 500 ब्लूबेरी पौधे 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को वैज्ञानिक खेती, पौधों के रखरखाव, सिंचाई प्रबंधन तथा उत्पादन तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला प्रशासन किसानों की उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य करेगा, ताकि उन्हें उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे क्लस्टर स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। इससे देहरादून को ब्लूबेरी उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दून बासमती ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, उसी प्रकार ब्लूबेरी खेती भी किसानों के लिए आय का नया और लाभकारी स्रोत बन सकती है।

मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि ब्लूबेरी एक हाई-वैल्यू फसल है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1,000 से 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फलों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ब्लूबेरी की व्यावसायिक संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से सहसपुर ब्लॉक के चयनित गांवों में पॉलीहाउस स्थापित किए जाएंगे, जिनमें ब्लूबेरी की खेती की जाएगी। ब्लूबेरी के पौधे लगभग दो वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसानों में से 10 किसानों ने इस खेती को अपनाने की इच्छा जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नवाचार आधारित ऐसी योजनाएं किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करेंगी। साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा मिलेगा।

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12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार https://fyolitimes.com/12-years-expansion-of-road-rail-and-air-services-in-the-modi-era/ Tue, 09 Jun 2026 11:28:02 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28921

चारधाम ऑल वेदर रोड से लेकर दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर तक, सड़क संपर्क में ऐतिहासिक विस्तार

देहरादून। देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आने के बाद विगत 12 वर्षों के दौरान उत्तराखंड में सड़क, रेल से लेकर हवाई सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व ने इस रफ्तार पर डबल इंजन लगाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में चारधाम सड़क परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के चारों धामों को ऑल वेदर रोड से जोड़ना है, करीब 12,000 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिस कारण चारधामों सहित पहाड़ के बड़े हिस्से में आवाजाही सुगम हुई है। प्रधानमंत्री ने दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में एक और सौगात उत्तराखंड को दी है। 11,963 करोड़ रुपए की लागत से बने 210 किमी लंबे इस हाईवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे के अकल्पनीय समय में पूरा करना संभव हो पाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंज–टनकपुर, पौंटा साहिब–देहरादून, भानियावाला– ऋषिकेश, काठगोदाम–लालकुआं–हल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

आम आदमी ने भरी उड़ान
बीते 12 वर्षों के भीतर राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों के लिए भी हवाई सेवाएं शुरु हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के तीन बड़े एयरपोर्ट जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ का विस्तार किया जा चुका है। साथ ही आम आदमी के सपनों का पंख देने के लिए शुरु केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत भी प्रदेश में 18 हैलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ही देहरादून एयरपोर्ट से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पुणे, कुल्लू जैसे शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा प्रारंभ हो चुकी है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए देहरादून और हल्द्वानी से हेली सेवा का संचालन किया जा रहा है।

पहाड़ में पहुंचने वाली है रेल
केंद्र में मोदी सरकार बनने बाद राज्य में रेल नेटवर्क में भी तेजी से विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार के विशेष प्रयास से 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का 72 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सक्रिय प्रयासों से केंद्र सरकार ने टनकपुर – बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक रेललाइन के सर्वे पर भी सहमति प्रदान कर दी है। साथ ही प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। विगत 12 वर्षों में उत्तराखंड में हर तरह की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से से कुछ घंटों में बड़े शहरों तक पहुंच संभव है। राज्य सरकार भी प्रदेश में हर तरह के यातायात साधन विकसित करने का प्रयास कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण https://fyolitimes.com/chief-minister-dhami-unveiled-the-audio-clip-of-the-book-meri-yojana/ Tue, 09 Jun 2026 11:03:59 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28918

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है।

इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र https://fyolitimes.com/chief-minister-dhami-distributed-appointment-letters-to-221-selected-candidates/ Tue, 09 Jun 2026 10:26:03 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28915

साढ़े चार साल में 33 हजार से अधिक युवाओं को मिला सरकारी नौकरी- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक आश्वस्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही।

उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है।

तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में 215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री धामी पर भरोसा करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, भूपेंद्र कंडारी, सचिव नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही https://fyolitimes.com/legal-action-will-be-taken-against-those-who-tarnish-the-image-of-cabinet-minister-maharaj/ Tue, 09 Jun 2026 10:05:38 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28912

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के मीडिया सलाहकार निशीथ सकलानी ने कहा है कि चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में पिछले दिनों हुए वन्यजीव हमलों को लेकर और हाल ही में हरियाणा के एक पर्यटक से मारपीट की घटना को तूल देकर कुछ तथाकथित लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई जेनरेटेड अनाप-शनाप पोस्ट डालकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की छवि को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर लोगों को भ्रमित की नापाक हरकतें कर रहे हैं। ऐसा घृणित कार्य करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और उनके संचालकों के विरुद्ध शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

महाराज के मीडिया सलाहकार निशीथ सकलानी ने कहा है कि ईमानदार और स्वच्छ छवि के नेता कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज की छवि को खराब करने का कुत्सीत प्रयास एक अक्षम्य अपराध है। उन्हें पता होना चाहिए कि राष्ट्र संत चौबट्टाखाल विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एक स्वच्छ एवं निर्मल छवि के नेता हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उनका एक विशेष स्थान है। हमेशा से उनका ध्यान प्रदेश के साथ-साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास पर केंद्रित रहा है। एक ओर उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाया, करोड़ों की पेयजल योजनाएं दी और बहुउद्देशीय सतपुली झील निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया तो वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को धरातल पर उतारने का भगीरथ प्रयास किया है। यदि हम उनके क्षेत्र में होने वाले वन्यजीव हमलों की बात करें तो जितनी भी घटनाएं क्षेत्र में घटित हुई हैं उन्होंने उनका समय रहते तुरंत संज्ञान लेकर सभी आवश्यक कार्यवाही की है। महाराज ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखकर संवेदनशील इलाकों में पिंजरे, ट्रैप केज लगवाये और नरभक्षी गुलदारों को पकड़वाने के साथ शूटर तैनात करवाकर उन्हें शूट भी करवाया है। इतना ही नहीं उन्होंने ऋषिकेश एम्स पहुंचकर गुलदार के हमले में गंभीर रूप से घायल विकासखण्ड पोखड़ा के ग्राम देवराड़ी निवासी 36 वर्षीय श्रीमती कंचन देवी के देखभाल और उचित इलाज की व्यवस्था करने के साथ-साथ वन्यजीव हमलों में मारे गए और घायल अन्य सभी लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का काम भी किया। हर दु:ख-सुख में वह हमेशा जनता के साथ खड़े रहे हैं।

सकलानी ने कहा कि महाराज यह कदम दिखाता है कि वह सुरक्षा और संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय जनता के मामले में बेहद संवेदनशील हैं। आपात स्थिति में सरकारी व्यवस्था का किस तरह सदुपयोग करना चाहिए एक जन सेवक के नाते इस बात को वह बेहतर जानते हैं।

वन्यजीव हमलों के मामले में जो लोग सोशल मीडिया में पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने का घृणित काम कर रहे हैं उनको जनता कभी माफ नहीं करेगी। महाराज के हवाले से उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी राज्य का हो यदि हमारे धार्मिक स्थलों में गड़बड़ करता है, हिंसा फैलाता है तो पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।

सकलानी ने कहा कि राष्ट्र संत, चौबट्टाखाल विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की छवि को नुक्सान पहुंचाने वाले किसी भी सूरत में बक्से नहीं जायेंगे, उनके विरुद्ध शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा https://fyolitimes.com/major-fire-breaks-out-in-a-new-scorpio-in-dehraduns-doon-vihar-major-tragedy-averted/ Tue, 09 Jun 2026 07:30:54 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28909

फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू

देहरादून। राजधानी के दून विहार क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नई स्कॉर्पियो कार अचानक आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी कार को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, वाहन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के एक चेयरमैन का बताया जा रहा है। कार में दो बुजुर्ग महिलाएं, दो युवतियां और दो छोटे बच्चे सवार थे, जो जाखन स्थित वाइन शॉप के पास अपने रिश्तेदार के घर आए हुए थे। सभी लोग सुरक्षित रूप से वाहन से उतर चुके थे और इसके बाद चालक ने कार को पार्किंग में खड़ा कर दिया। इसी दौरान अचानक वाहन में आग लग गई।

घटना की सूचना मिलते ही जाखन चौकी प्रभारी सूरज कंडारी और चीता पुलिस के जवान मुकेश बुटोला मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल साहस और तत्परता दिखाते हुए CO₂ सिलेंडर की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।

आग लगने की सूचना पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने वाहन में रखे सामान को भी अधिक नुकसान होने से बचा लिया।

प्रारंभिक जांच में वाहन के एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

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फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज https://fyolitimes.com/countdown-to-fifa-world-cup-2026-begins-kicks-off-on-june-11/ Tue, 09 Jun 2026 07:08:28 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28906

16 शहर, 48 देश और 104 मुकाबले, फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा विश्व कप तैयार

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ का इंतजार अब खत्म होने वाला है। फीफा विश्व कप 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है और इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाला है। पहली बार तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हो रहे विश्व कप में रिकॉर्ड 48 टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। नए फॉर्मेट, अत्याधुनिक तकनीक और रिकॉर्ड 104 मैचों के साथ यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास का सबसे भव्य संस्करण माना जा रहा है।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला फीफा विश्व कप 2026 फुटबॉल प्रशंसकों के लिए कई नई सौगातें लेकर आ रहा है। टूर्नामेंट में पहली बार 48 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि इससे पहले विश्व कप में 32 टीमों को खेलने का मौका मिलता था। टीमों की संख्या बढ़ने से दुनिया के कई नए देशों को भी वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।

करीब ढाई साल तक चले क्वालिफिकेशन मुकाबलों के बाद सभी 48 टीमों ने विश्व कप में अपनी जगह पक्की की। प्रतियोगिता के मुकाबले 16 शहरों और 16 स्टेडियमों में आयोजित होंगे। कुल 104 मैच खेले जाएंगे, जो विश्व कप इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। फाइनल मुकाबला न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि मैक्सिको सिटी का एजटेका स्टेडियम तीसरी बार विश्व कप मैचों की मेजबानी कर इतिहास रचेगा।

इस बार टूर्नामेंट का प्रारूप भी पूरी तरह बदला हुआ होगा। 48 टीमों को 12 समूहों में बांटा गया है और प्रत्येक समूह में चार-चार टीमें होंगी। ग्रुप चरण के बाद शीर्ष दो टीमों के अलावा आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। इसके चलते पहली बार राउंड ऑफ-32 का आयोजन होगा और चैंपियन बनने वाली टीम को कुल आठ मुकाबले खेलने होंगे।

तकनीक के मोर्चे पर भी फीफा ने कई बड़े बदलाव किए हैं। सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड टेक्नोलॉजी के उन्नत संस्करण, बेहतर VAR सिस्टम, रेफरी बॉडी कैमरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण प्रणाली का इस्तेमाल खेल को अधिक पारदर्शी और रोमांचक बनाएगा। इसके अलावा समय बर्बाद करने पर सख्त नियम लागू किए जाएंगे ताकि मैच की गति बनी रहे।

टूर्नामेंट में कई दिलचस्प कहानियां भी देखने को मिलेंगी। इराक ने 40 साल बाद विश्व कप में वापसी की है, जबकि जॉर्डन, उज्बेकिस्तान, केप वर्डे और कुराकाओ जैसे देश पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। दूसरी ओर चार बार की चैंपियन इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी, जो फुटबॉल जगत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

फुटबॉल प्रेमियों की नजरें एक बार फिर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी और पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर टिकी होंगी। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के लिए यह संभवतः आखिरी विश्व कप साबित हो सकता है। वहीं किलियन एम्बाप्पे, जूड बेलिंगहैम और विनीसियस जूनियर जैसे युवा सितारों से भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

भारतीय दर्शक टूर्नामेंट के मुकाबलों का प्रसारण टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे। समय के अंतर के कारण अधिकांश मैच देर रात या सुबह के समय खेले जाएंगे। ऐसे में फुटबॉल प्रशंसकों को अगले एक महीने तक रोमांचक मुकाबलों के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ सकता है।

48 टीमों, 104 मुकाबलों और तीन देशों की मेजबानी के साथ फीफा विश्व कप 2026 सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वैश्विक फुटबॉल उत्सव के रूप में दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है।

फीफा विश्व कप 2026 के सभी ग्रुप

ग्रुप टीमें

A मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, चेकिया
B कनाडा, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, कतर, स्विट्जरलैंड
C ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड
D अमेरिका, पराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, तुर्किये
E जर्मनी, कुरासाओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर
F नीदरलैंड्स, जापान, स्वीडन, ट्यूनीशिया
G बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूज़ीलैंड
H स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे
I फ्रांस, सेनेगल, इराक, नॉर्वे
J अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन
K पुर्तगाल, डीआर कांगो, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया
L इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

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फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक https://fyolitimes.com/major-relief-for-khan-sir-in-firing-case-patna-civil-court-stays-arrest/ Tue, 09 Jun 2026 06:35:07 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28903

पुलिस से मांगी केस डायरी

पटना। खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक और चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने पुलिस को मामले की केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और कहा है कि अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में खान सर का नाम दुर्भावनावश शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मामले में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई है।

यह मामला 2 जून को पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई कथित गोलीबारी से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की थी।

वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार खान सर के सुरक्षाकर्मी दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े साक्ष्य और जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं।

दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई है।

कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और फायरिंग प्रकरण को लेकर पटना में लगातार चर्चाएं जारी हैं। इस बीच कोर्ट के अंतरिम आदेश से खान सर को फिलहाल राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

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दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त https://fyolitimes.com/womens-commission-takes-a-tough-stance-on-the-heinous-crime-committed-against-a-married-woman-over-dowry-demands/ Tue, 09 Jun 2026 06:00:12 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28900

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, एसएसपी देहरादून को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

10 माह तक विवाहिता के साथ अमानवीय क्रूरता पर महिला आयोग का कड़ा रुख, विवाहिता को बंधक बनाने वाले दोषियों के खिलाफ हो कठोरतम कानूनी कार्रवाई

​11 तारीख को आयोग कार्यालय में पीड़िता से मुलाकात करेंगी अध्यक्ष; बेहतर उपचार और काउंसलिंग की जाएगी सुनिश्चित

​​देहरादून। देहरादून के थाना सेलाकुई के अंतर्गत भाऊवाला (सैनिक कॉलोनी) क्षेत्र में एक विवाहिता को बंधक बनाकर रखने, खाना न देने और उसके साथ अमानवीय व रूह कँपा देने वाली शारीरिक व मानसिक क्रूरता करने का एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का विवाह अप्रैल 2024 में हुआ था, जिसके बाद उसे पिछले 10 महीनों (जुलाई 2025 से मई 2026) तक कमरे और शौचालय में बंद करके रखा गया। इस दर्दनाक घटना के संबंध में पीड़िता के पिता द्वारा उत्तराखंड राज्य महिला आयोग कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरी आपबीती साझा की गई है। शिकायत मिलने पर आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। वर्तमान में पीड़िता अपने माता-पिता के साथ अपने घर पर है।

​पीड़िता के पिता द्वारा महिला आयोग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए जानकारी दी गई कि उनकी बेटी को पिछले 10 महीनों से घर के कमरे और बाथरूम में बंद रखा जाता था और सामान्य भोजन भी नहीं दिया जाता था। प्रताड़ना की पराकाष्ठा पार करते हुए उसकी सास द्वारा उसे अपनी पेशाब तक पीने के लिए मजबूर किया गया और उसके गुप्त अंगों पर लकड़ी से मारकर गंभीर शारीरिक व मानसिक पीड़ा दी गई। साथ ही, दहेज की मांग को लेकर ₹5 लाख रुपये देने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही हमारी बेटी को उसके दो जुड़वा बच्चों से भी मिलने नहीं दिया जा रहा था। उसके ऊपर जबरदस्ती तीसरा बच्चा करने का भी दबाव बनाया जा रहा था।

​पिता ने शिकायत में बताया कि जब वे अपनी बेटी से मिलने ससुराल गए, तो उन्हें बेटी से मिलने तक नहीं दिया गया और उनके साथ लगातार झूठ बोला गया। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय बीडीसी मेंबर और ग्राम पंचायत के सदस्यों से संपर्क किया। बीडीसी मेंबर और पंचायत सदस्यों के कड़े सहयोग व निगरानी द्वारा ही वे अपनी बेटी को उस घर से सुरक्षित बाहर निकाल कर अपने साथ ला पाए। जब पीड़िता को वहां से निकाला गया, तब क्रूरता के कारण उसकी मानसिक स्थिति इतनी खराब थी कि वह दिन, तारीख और साल तक भूल चुकी थी।

​इस घिनौने कृत्य पर आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया है कि आगामी 11 तारीख को आयोग कार्यालय में वह स्वयं पीड़िता से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग द्वारा पीड़िता को इस मानसिक आघात से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग की जाएगी और बेहतर से बेहतर उपचार व चिकित्सीय व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी, ताकि वह जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सके।

​इससे पूर्व सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से इस गंभीर मामले की जानकारी मिलने पर अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल थाना प्रभारी (एसएचओ) सेलाकुई से फोन पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली थी। वार्ता के दौरान एसएचओ द्वारा मामले की सही प्रकार से जानकारी न देने और इतने संवेदनशील प्रकरण को बेहद हल्की धाराओं में दर्ज करने पर अध्यक्ष ने पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और शिथिलता पर भारी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब पीड़िता के साथ पिछले 10 महीनों से अमानवीय अत्याचार हो रहा था, उसे अपमानित कर चरम प्रताड़ना दी गई और उसके गुप्त अंगों पर प्रहार किए गए, तब पुलिस ने इसे अत्यंत हल्के में लिया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

​इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल से सीधे फोन पर वार्ता की और मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषी ससुराल पक्ष (पति, सास व ससुर) के विरुद्ध कठोरतम धाराओं में कड़ाई से कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएसपी से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि इस पूरे प्रकरण पर अत्यंत गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़िता को पूरी तरह से न्याय मिलना चाहिए। अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि आरोपियों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे जघन्य अपराध के आरोपियों को हर हाल में कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।

​अध्यक्ष ने आगे कहा कि आज माननीय प्रधानमंत्री जी के गौरवशाली नेतृत्व में देश की महिलाएं हर क्षेत्र में विकास की नयी गाथा गढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर देवभूमि में दहेज की मांग को लेकर महिलाओं के साथ ऐसी घिनौनी, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट और तीखे शब्दों में कहा कि ऐसी घटिया व विक्षिप्त मानसिकता के लोगों के विरुद्ध समाज और कानून में कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए और इस प्रकार के क्रूर अपराधियों को समाज के बीच खुलेआम रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आयोग इस मामले की स्वयं निरंतर मॉनिटरिंग कर रहा है और पीड़िता को हर हाल में त्वरित न्याय व पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाएगी।

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समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए सख्त निर्देश https://fyolitimes.com/dm-hears-194-public-grievances-at-samadhan-diwas-issues-strict-instructions-for-time-bound-resolution/ Tue, 09 Jun 2026 05:27:33 +0000 https://fyolitimes.com/?p=28897

बैंकिंग प्रक्रिया पर सवालः पात्रता जांचे बिना पहले दिया ऋण, अब घर नीलामी नोटिस, डीएम ने मांगी रिपोर्ट

बुजुर्ग पिता से मकान की रजिस्ट्री पत्नी के नाम कर खर्चा देने से मुकरा बेटा, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज

देहरादून। जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक विभाग नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।

समाधान दिवस में भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, विधिक सहायता, आर्थिक सहायता तथा पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रसव से पूर्व अस्पताल पहुंचाने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

मानसून के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के बजट स्वीकृत करते हुए शहर के आंतरिक मार्गों को ब्लैकटॉप कर सुरक्षित बनाने, जिले के 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत, सुरक्षा कार्य एवं निचले क्षेत्रों में नदियों के चौनलाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को निष्प्रयोज्य सामग्री की शीघ्र नीलामी, कार्यालयों में स्वच्छता, नियमित निरीक्षण तथा लंबित पेंशन एवं एसीपी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों में कोई भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

समाधान दिवस में विभिन्न व्यक्तिगत शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। मातावाला बाग निवासी 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा मकान एवं नगर निगम भूमि पर अवैध कब्जे तथा धन उगाही की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए।

श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह ने बताया कि उनका पुत्र सरकारी सेवा में है और उन्हें हर महीने 10-15 हजार खर्चा देने की बात पर धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा दी। अब खर्चा देने से इनकार कर रहा है। जिससे उनके सामने जीवन यापन करने की विकट समस्या खडी हो गई है। इस पर एसडीएम को भरण पोषण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

यमुना विहार निवासी दिव्यांग रोबिन डिक्रूज के संपत्ति विवाद एवं उत्पीड़न संबंधी मामले में एसडीएम सदर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मकान ऋण की अदायगी में असमर्थता के कारण बैंक द्वारा नीलामी नोटिस जारी किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बैंक की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हुए एडीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आवेदक ऋण जमा करने में सक्षम नही था तो बैंक ने किस आधार पर ऋण आवंटित किया।

राजेश्वर नगर में जल निकासी की समस्या, बालावाला की पेयजल योजना, ऋषिकेश में बडकोट माफी, झीलवाला व रानीपोखरी क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा ठाकुरपुर स्थित खेल मैदान की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं एक महिला के उत्पीड़न संबंधी मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया। समाधान दिवस में विधवा आशा देवी ने प्रधानमंत्री आवास तो सविता बनवाल ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

समाधान दिवस के मौके पर अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एडीएम (प्रशा)स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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