Breaking News
उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन
उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन
सभी जनप्रतिनिधि दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के विकास के बने साक्षी- सतपाल महाराज
सभी जनप्रतिनिधि दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के विकास के बने साक्षी- सतपाल महाराज
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का किया निरीक्षण
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की फिर बदली रिलीज डेट, अब 5 जून को होगी रिलीज
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की फिर बदली रिलीज डेट, अब 5 जून को होगी रिलीज
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी
खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी
आईपीएल 2026- सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
हीट वेव का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
हीट वेव का कहर: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली महिला आक्रोश मशाल यात्रा
महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति ने निकाली महिला आक्रोश मशाल यात्रा

रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत

रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत

यात्रियों की सुविधा के लिए 18 नई रेल सेवाएं शुरू

देहरादून। लोकसभा में रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड में रेलवे परियोजनाओं और नई सेवाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अजय भट्ट के प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य में रेल अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 4,641 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 25 गुना वृद्धि को दर्शाता है।

01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार, उत्तराखंड में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाली 40,384 करोड़ रुपये लागत की 216 किलोमीटर लंबी तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर लाइन चालू हो चुकी है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

देवबंद-रुड़की (27 किमी) रेल लाइन का कार्य पूरा हो गया है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग (125 किमी) रेल परियोजना राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जो देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ती है। इस परियोजना में सुरंग निर्माण प्रमुख है। कुल 16 मुख्य सुरंगों (104 किमी) और 12 बचाव सुरंगों (98 किमी) का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।

पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2025-26) में राज्य में 441 किलोमीटर लंबाई के 7 सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 3 नई लाइनें और 4 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। समपारों के स्थान पर पुल निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। वर्ष 2004-14 के दौरान 4,148 पुल बनाए गए थे, जबकि 2014-26 (जनवरी 2026 तक) में यह संख्या बढ़कर 14,024 हो गई है। इनमें उत्तराखंड के 106 पुल शामिल हैं।

रेल मंत्रालय के अनुसार, 01 फरवरी 2026 तक देशभर में 4,802 पुल 1,14,196 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हैं, जिनमें उत्तराखंड में 158 करोड़ रुपये की लागत से 9 पुल विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।

“अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत देशभर के 1,338 स्टेशनों के विकास में उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं। इनमें देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं, रामनगर, रुड़की और टनकपुर शामिल हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत स्टेशन विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में 6,895 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 6,172 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2023-24 से फरवरी 2026 तक 18 नई रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और हरिद्वार-फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस प्रमुख हैं। नई ट्रेनों का संचालन मार्ग की क्षमता, उपलब्धता और अन्य परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है।

Back To Top