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सर्दियों में घर पर रहकर भी घटा सकते हैं चर्बी, जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह

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उत्तर भारत के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे हालात में मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग या खुले पार्क में व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मॉग और जहरीली हवा फेफड़ों के साथ-साथ दिल पर भी अतिरिक्त दबाव डालती है। हालांकि खराब मौसम के बावजूद फिटनेस से समझौता करना जरूरी नहीं है। सही दिनचर्या और संतुलित खानपान के जरिए घर के अंदर रहकर भी वजन बढ़ने की समस्या से बचा जा सकता है।

सर्दियों में शरीर का मेटाबॉलिज्म सामान्य रूप से धीमा पड़ जाता है और हाई-कैलोरी भोजन की इच्छा बढ़ जाती है। ऐसे में अगर सावधानी न बरती जाए, तो वजन तेजी से बढ़ सकता है। अच्छी खबर यह है कि ठंड और प्रदूषण के बीच भी कुछ आसान उपाय अपनाकर फैट बर्न की प्रक्रिया को सक्रिय रखा जा सकता है।

खानपान में छोटे बदलाव, बड़ा असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में फैट बर्न के लिए शरीर के आंतरिक तापमान को बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसे थर्मोजेनेसिस कहा जाता है। इसके लिए भोजन में अदरक, काली मिर्च, दालचीनी और लहसुन जैसे गर्म तासीर वाले मसालों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। ये तत्व मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं।

इसके साथ ही ठंडे पानी से परहेज कर गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है। गुनगुना पानी पाचन सुधारने के साथ-साथ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है। दिन में 2 से 3 कप ग्रीन टी या हर्बल टी का सेवन भी वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है।

घर के अंदर करें असरदार एक्सरसाइज

जब बाहर का माहौल अनुकूल न हो, तो इनडोर फिजिकल एक्टिविटी सबसे सुरक्षित विकल्प बन जाती है। फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक ही जगह पर दौड़ना (स्पॉट रनिंग), जंपिंग जैक, रस्सी कूदना या सीढ़ियां चढ़ना-उतरना कैलोरी बर्न करने के प्रभावी तरीके हैं। रोजाना 15 से 20 मिनट की तेज इनडोर एक्सरसाइज भी फिट रहने के लिए काफी मानी जाती है।

योगाभ्यास भी सर्दियों में बेहद कारगर है। खासतौर पर सूर्य नमस्कार पूरे शरीर की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और फैट बर्न में मदद करता है। इसके अलावा घर की साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के काम भी शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का अच्छा माध्यम हो सकते हैं।

अनहेल्दी स्नैकिंग से रखें दूरी

ठंड के मौसम में तला-भुना और मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है, जो वजन बढ़ने का मुख्य कारण बनती है। विशेषज्ञ इसे ‘बोरडम ईटिंग’ का असर मानते हैं, जो प्रदूषण के कारण घर में ज्यादा समय बिताने से बढ़ती है।

इससे बचने के लिए बिस्किट, नमकीन और मिठाइयों की जगह भुने चने, मखाने, फल या कच्ची सब्जियों को स्नैक के रूप में अपनाने की सलाह दी जाती है। बिना क्रीम का सब्जी या टमाटर सूप भी पेट भरा रखने में मदद करता है और ओवरईटिंग से बचाता है।

तनाव कम करें, नींद पूरी लें

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में धूप की कमी और ठंड के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पेट के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। ऐसे में योग, प्राणायाम और मेडिटेशन तनाव कम करने के साथ-साथ फैट बर्न प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं।

इसके अलावा 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है, क्योंकि शरीर इसी दौरान खुद को रिपेयर करता है और फैट मेटाबोलिज्म सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। सही नींद और नियमित दिनचर्या अपनाकर ठंड और प्रदूषण के मौसम में भी खुद को फिट और हेल्दी रखा जा सकता है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी डाइट या एक्सरसाइज रूटीन को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

(साभार)

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