Breaking News
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और देयकों संबंधी प्रकरण अधिक समय तक न रहें लंबित- जिलाधिकारी
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और देयकों संबंधी प्रकरण अधिक समय तक न रहें लंबित- जिलाधिकारी
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सुल्तान अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट- बेल्जियम ने भारत को 1-0 से हराकर पहली बार जीता खिताब

सुल्तान अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट- बेल्जियम ने भारत को 1-0 से हराकर पहली बार जीता खिताब

भारत को रजत पदक से करना पड़ा संतोष

नई दिल्ली। सुल्तान अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 1-0 से पराजित कर अपना पहला खिताब अपने नाम कर लिया। बेहद कड़े और रोमांच से भरे इस मुकाबले में निर्णायक गोल 34वें मिनट में थिब्यू स्टॉकब्रोक्स ने दागा, जिसके बाद भारतीय टीम बराबरी का गोल नहीं ढूंढ सकी और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

टूर्नामेंट में दूसरी बार हिस्सा ले रही बेल्जियम टीम ने लगातार आक्रामक हॉकी खेलते हुए भारत को कई मौकों पर दबाव में रखा। वहीं भारतीय टीम, जिसने सेमीफाइनल में कनाडा पर 14-3 की बड़ी जीत दर्ज की थी, फाइनल में अपने तीनों पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाई। पूरे टूर्नामेंट में पेनल्टी कॉर्नर पर प्रभावी दिखे जुगराज सिंह, अमित रोहिदास और संजय बेल्जियम की सुदृढ़ रक्षा पंक्ति के सामने फाइनल में लय नहीं पकड़ सके।

लीग चरण में भी भारत को बेल्जियम से 2-3 की हार मिली थी और फाइनल में मिली हार टूर्नामेंट की उनकी दूसरी शिकस्त रही। मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी थी, जिन्होंने अच्छा संघर्ष दिखाया लेकिन निर्णायक क्षणों में गोल नहीं कर पाए।

फाइनल की शुरुआत से ही बेल्जियम की टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाकर खेल की गति तय की। उनके तेज आक्रमणों ने भारतीय डिफेंस को शुरुआती मिनटों में सतर्क रहने पर मजबूर किया और भारतीय गोलकीपर को कई महत्वपूर्ण बचाव करने पड़े। भारत ने पहले क्वार्टर के बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन बेल्जियम ने मिडफील्ड में बढ़त बनाए रखी और भारत को संयोजित आक्रमण नहीं करने दिया।

हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोल रहित रहीं, लेकिन दूसरे हाफ में बेल्जियम का संयम और रणनीति काम आई। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में स्टॉकब्रोक्स का गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अंतिम क्वार्टर में भारत ने बराबरी की तलाश में लगातार दबाव बनाया, कई अच्छे मूव तैयार किए, लेकिन बेल्जियम की दीवार जैसे डिफेंस को भेद नहीं सके।

इस जीत के साथ बेल्जियम ने पहली बार सुल्तान अजलन शाह कप अपने नाम किया, जबकि भारत को उपविजेता रहकर टूर्नामेंट खत्म करना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top