Breaking News
इंडियन प्रीमियर लीग 2026- चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
इंडियन प्रीमियर लीग 2026- चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
‘राजा शिवाजी’ की बॉक्स ऑफिस पर दमदार ओपनिंग, फिल्म ने पहले दिन कमाये इतने करोड़ रुपये
‘राजा शिवाजी’ की बॉक्स ऑफिस पर दमदार ओपनिंग, फिल्म ने पहले दिन कमाये इतने करोड़ रुपये
ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें- गणेश जोशी
ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें- गणेश जोशी
आज आपके फोन में आएगा अलर्ट, घबराएं नहीं
आज आपके फोन में आएगा अलर्ट, घबराएं नहीं
बौद्ध सर्किट कॉरिडोर में उत्तराखंड को शामिल कराने का होगा प्रयास- महाराज
बौद्ध सर्किट कॉरिडोर में उत्तराखंड को शामिल कराने का होगा प्रयास- महाराज
हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं, कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई- कुसुम कंडवाल
हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं, कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई- कुसुम कंडवाल
टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य आगाज़
टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य आगाज़
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं कल्याण पर विशेष जोर
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं कल्याण पर विशेष जोर
भाजपा की मानसिकता गरीब व मजदूर विरोधी- धस्माना
भाजपा की मानसिकता गरीब व मजदूर विरोधी- धस्माना

‘वोट चोर’ बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- “साक्ष्य हो तो हलफनामे के साथ पेश करें,

‘वोट चोर’ बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- “साक्ष्य हो तो हलफनामे के साथ पेश करें,

आयोग बोला—‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना करोड़ों मतदाताओं का अपमान है

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्षी नेताओं के हालिया आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं का नाम लिए बिना आयोग ने कहा कि अगर किसी के पास दोहरी वोटिंग या चुनावी गड़बड़ी का कोई प्रमाण है, तो उसे लिखित शिकायत और हलफनामे के साथ पेश करें, ताकि कार्रवाई हो सके।

आयोग ने याद दिलाया कि “एक व्यक्ति, एक वोट” का सिद्धांत 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव से लागू है। बिना साक्ष्य के मतदाताओं को ‘चोर’ बताने या ‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना न सिर्फ करोड़ों मतदाताओं का अपमान है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जुटे लाखों कर्मियों की निष्ठा और ईमानदारी पर भी सीधा हमला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top