Breaking News
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील
ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- युद्ध खत्म करने का फैसला मैं करूंगा
ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- युद्ध खत्म करने का फैसला मैं करूंगा
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ट्रेलर रिलीज, सात भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में देगी दस्तक
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ट्रेलर रिलीज, सात भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में देगी दस्तक
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

“सख्त इरादों वाली धामी सरकार, अंकिता हत्याकांड में न्याय, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की नज़ीर”

“सख्त इरादों वाली धामी सरकार, अंकिता हत्याकांड में न्याय, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की नज़ीर”

देहरादून- उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का उदाहरण प्रस्तुत किया है। पीड़िता के परिवार को न केवल न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए, बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई।

घटना के महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया, और वे आज भी सलाखों के पीछे हैं। जांच को गति देने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने गहराई से छानबीन कर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए। यही नहीं, इन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया।

जांच के आधार पर पुलिस ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। अदालत ने भी आरोप तय करते हुए आरोपियों को दोषी मानने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं, और अब जल्द ही कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने की उम्मीद है।

धामी सरकार ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के तौर पर ₹25 लाख की सहायता राशि प्रदान की, साथ ही दिवंगत अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी भी दी गई, जिससे परिवार को पुनः सम्मान और स्थायित्व मिल सके।

परिजनों की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए और सरकार ने उनके पक्ष को मजबूती से रखने के लिए अनुभवशील अभियोजन अधिकारी नियुक्त किए। सरकारी वकील की सख्त पैरवी के चलते हर बार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज हुईं।

इस बीच, कांग्रेस नेताओं और कुछ कथित VIP ब्लैकमेलर्स द्वारा मामले में भ्रामक बयानबाज़ी की गई, लेकिन कोर्ट में कोई तथ्य या सबूत पेश नहीं कर सके। इससे साफ हुआ कि ये बयान केवल राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दिए गए थे।

धामी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच को संतोषजनक माना है। यह राज्य सरकार की इच्छाशक्ति और कानून के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा था “न्याय में कोई देरी नहीं होगी, और अपराधियों के लिए कोई रहम नहीं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top