Breaking News
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
दून पुलिस का शराब तस्करों पर शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार
दून पुलिस का शराब तस्करों पर शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ, ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ, ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत
‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ हुआ रिलीज, रणबीर-साई की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल
‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ हुआ रिलीज, रणबीर-साई की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम, कहा- सूचना के अधिकार का उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम, कहा- सूचना के अधिकार का उल्लंघन

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलेक्ट्रोल बांड मामले में सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाताओं (Voters) को वोट डालने के लिए जानकारी पाने का अधिकार है और राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनवरी 2018 में लॉन्च किया गया, चुनावी बांड वित्तीय साधन हैं, जिन्हें व्यक्ति या कॉर्पोरेट संस्थाएं बैंक से खरीद सकती हैं और एक राजनीतिक दल को पेश कर सकती हैं, जो बाद में उन्हें धन के लिए भुना सकता है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को भी इस बारे में जानने का अधिकार है। बड़े चंदे गोपनीय रखना असंवैधानिक है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 2019 के अंतरिम आदेश से अभी तक चुनावी बांड योगदान प्राप्त करने वाले दलों का विवरण प्रस्तुत करेगा। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जब कानून राजनीतिक योगदान की अनुमति देता है, तो यह योगदानकर्ताओं की संबद्धता को भी इंगित करता है, और उनकी रक्षा करना संविधान का कर्तव्य है।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘उन पार्टियों को भी योगदान दिया जाता है जिनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। बदले में योगदान राजनीतिक समर्थन का प्रदर्शन नहीं है। संविधान केवल दुरुपयोग की गुंजाइश के कारण आंखें नहीं मूंदता है।

क्या होता है इलेक्ट्रोल बांड?
इलेक्टोरल बॉन्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक वित्तीय जरिया है। भारत सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना की घोषणा 2017 में की थी और 29 जनवरी 2018 को कानून लागू कर दिया था। यह एक वचन पत्र की तरह है। इसकी मदद से भारत का कोई भी नागरिक या कंपनी भारतीय स्टेट बैंक SBI के जरिए राजनीतिक पार्टियों को दान कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top