Breaking News
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से की मुलाकात
पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से की मुलाकात
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, धौरण रोड स्थित अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल सील
एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, धौरण रोड स्थित अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल सील
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज

म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर के पास आया 5.1 तीव्रता का भूकंप 

म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर के पास आया 5.1 तीव्रता का भूकंप 

अब तक 1,700 लोगों के मारे जाने की खबर 

थाईलैंड में भूकंप के कारण 47 अब भी लापता

नाएप्यीडॉ। म्यांमार शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद लगातार धरती कांप रही है। यूएसजीएस के मुताबिक, रविवार को म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर के पास 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने इसकी तीव्रता 4.6 बताई। यह शुक्रवार के विनाशकारी भूकंप के बाद आए झटकों में सबसे नया था। भूकंप के झटके महसूस होने पर मांडले की सड़कों पर लोग चीखने लगे। इससे पहले शुक्रवार को शहर के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे कई इमारतें गिर गईं और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। अब तक 1,700 लोगों के मारे जाने और 3,400 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है।

आशंका जताई जा रही है कि यह संख्या बढ़ सकती है। रविवार दोपहर आए झटके से पहले 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद म्यांमार में शनिवार शाम तक कम से कम पांच झटके महसूस किए गए थे। इसमें सबसे तेज झटका 6.4 तीव्रता का था। लगातार आ रहे झटकों से लोगों में दहशत है। म्यांमार सागाइंग फॉल्ट पर स्थित है, जो इंडिया प्लेट और सुंडा प्लेट को अलग करता है, जिस वजह से यहां भूकंप का खतरा बना रहता है।

इससे पहले शुक्रवार को आए भूकंप के चलते कई इमारतें ढहने से व्यापक क्षति हुई है। म्यांमार लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध की चपेट में है और वहां पहले से ही एक बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है। ऐसे में राहत-बचाव कार्यों में  काफी मुश्किल हो रही है। म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे और इसने राजधानी बैंकॉक समेत देश के अन्य क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया था। हालात यह हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है और सड़कों पर अस्थाई तरीके से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इलाज सामग्री व दवाओं की भी काफी कमी हो गई है।

बैंकॉक के अधिकारियों ने बताया कि थाईलैंड में भूकंप के कारण अब तक 10 लोग मृत पाए गए हैं, 26 लोग घायल हैं और 47 अब भी लापता हैं। राजधानी के लोकप्रिय चतुचक बाजार के निकट एक निर्माण स्थल पर काफी तबाही हुई है। भूकंप आने पर, थाईलैंड की सरकार के लिए एक चीनी कंपनी द्वारा बनाई जा रही 33 मंजिला ऊंची इमारत हिली और धूल के गुबार के साथ धराशायी हो गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top