Breaking News
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं कल्याण पर विशेष जोर
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं कल्याण पर विशेष जोर
भाजपा की मानसिकता गरीब व मजदूर विरोधी- धस्माना
भाजपा की मानसिकता गरीब व मजदूर विरोधी- धस्माना
गर्मियों में क्यों होती है आंखों में जलन और खुजली? जानिए कारण और बचाव के उपाय
गर्मियों में क्यों होती है आंखों में जलन और खुजली? जानिए कारण और बचाव के उपाय
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
आईपीएल 2026- दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला आज
बुद्ध पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, “हर-हर गंगे” के जयघोष से गूंजे गंगा घाट
बुद्ध पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, “हर-हर गंगे” के जयघोष से गूंजे गंगा घाट
‘कर्तव्य’ की ओटीटी रिलीज डेट का हुआ ऐलान, जानिए कब और कहाँ देख सकेंगे फिल्म
‘कर्तव्य’ की ओटीटी रिलीज डेट का हुआ ऐलान, जानिए कब और कहाँ देख सकेंगे फिल्म
भगवान बुद्ध का जीवन करुणा, अहिंसा, सत्य, शांति और मानवता का प्रतीक- मुख्यमंत्री धामी
भगवान बुद्ध का जीवन करुणा, अहिंसा, सत्य, शांति और मानवता का प्रतीक- मुख्यमंत्री धामी
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी

सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट तैयार होंगी वनाग्नि सत्र से पहले

सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट तैयार होंगी वनाग्नि सत्र से पहले

वनाग्नि प्रबंधन की कार्ययोजना केंद्र को भेजी

देहरादून। वन विभाग आगामी वनाग्नि सत्र से पहले प्रदेश में सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट तैयार कर देगा। इससे पिरुल एकत्रितकरण के जरिए वनाग्नि रोकथाम में मदद मिलेगी। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने वनाग्नि रोकथाम के लिए पांच साल की योजना तैयार करते हुए, केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी है।

प्रदेश में वनाग्नि का मुख्य कारण, जंगलों में चीड़ वन की अधिकता है। वन विभाग के नियंत्रणाधीन वनाच्छादित क्षेत्र में लगभग, 15.25 प्रतिशत चीड़ वन है। इसलिए वन विभाग चीड़ पिरुल को एकत्रित करते हुए, इसका प्रयोग पैलेट्स, ब्रिकेट्स बनाने में कर रहा है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जा रही है, वर्तमान में विभाग इन समूहों को प्रति कुंतल तीन रुपए की दर से चीड़ एकत्रित करने का भुगतान करता है, जिसे मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में बढ़ाए जाने की तैयारी है। गत वर्ष विभाग ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए, 38299.48 कुंतल चीड़ पिरुल एकत्रित किया, जिसके बदले समूहों को 1.13 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।

अब यूनिट बढ़ाने की तैयारी
अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक पिरुल एकत्रितकरण से वनाग्नि रोकथाम में प्रभावी कमी आती है। इसलिए वर्तमान में चल रही ब्रेकेटस यूनिट की संख्या बढ़ाकर 12 किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जल्द ही अल्मोड़ा, चम्पावत, गढ़वाल और नरेंद्र नगर वन प्रभाग में सात नई यूनिट स्थापित हो जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो सकेगा।

वनाग्नि रोकथाम के लिए, विभागों को समय से तैयारी करने को कहा गया है। प्रदेश में सात जगह नई ब्रेकेटस यूनिट बनने से ग्रामीणों को रोजगा मिलेगा, साथ ही पिरुल से लगने वाली वनाग्नि में भी प्रभावी कमी आएगी। इसके साथ ही वनाग्नि रोकथाम के लिए भारत सरकार के पास पांच साल की कार्ययोजना तैयार करके भेजी गई है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

हाईलाट्स

15 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र में हैं चीड़ वन

05 स्थानों पर वर्तमान में हैं ब्रिकेट्स यूनिट

05 साल की कार्ययोजना भेजी गई भारत सरकार के पास

1.13 करोड़ रुपए गत वर्ष स्वयं सहायता समूहों को दिए गए पिरुल जमा करने पर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top