Breaking News
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण
यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें, जेलेंस्की ने अमेरिका से की जल्द आपूर्ति की मांग
यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें, जेलेंस्की ने अमेरिका से की जल्द आपूर्ति की मांग
मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मनीषा भांबरी ने रचा इतिहास, विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
मनीषा भांबरी ने रचा इतिहास, विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानें उड़ता तीर, प्रहार और दृश्यम 3 का हाल
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानें उड़ता तीर, प्रहार और दृश्यम 3 का हाल
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, सात स्थानों पर सीलिंग
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, सात स्थानों पर सीलिंग
श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, विठाबाई की जिंदगी को पर्दे पर उतारेंगी अभिनेत्री
श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, विठाबाई की जिंदगी को पर्दे पर उतारेंगी अभिनेत्री
छात्रावासों में डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी से हाईटेक होगी शिक्षा
छात्रावासों में डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी से हाईटेक होगी शिक्षा
प्रधानमंत्री ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त
प्रधानमंत्री ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त

धार्मिक स्थलों या तीर्थस्थलों के संबंध में कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं किया जायेगा- सुप्रीम कोर्ट

धार्मिक स्थलों या तीर्थस्थलों के संबंध में कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं किया जायेगा- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों या तीर्थस्थलों के संबंध में कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है या जिला अदालतों द्वारा सर्वेक्षण का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता है जब तक कि उपासना स्थल अधिनियम, 1991 की वैधता से संबंधित मामला उसके समक्ष लंबित है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा, “जब मामला इस अदालत के समक्ष विचाराधीन है तो क्या अन्य लोगों के लिए इस पर अपना हाथ नहीं डालना उचित नहीं होगा।” शीर्ष अदालत ने कहा कि हालांकि नए मुकदमे दायर किए जा सकते हैं लेकिन उन्हें पंजीकृत नहीं किया जाएगा और जिला अदालतों द्वारा कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं किया जाएगा।

साथ ही शीर्ष अदालत ने 1991 के कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को चार सप्ताह का और समय दिया। याचिकाओं के एक समूह पर विचार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि कानून के क्रियान्वयन की मांग करने वाली याचिका पर भी केंद्र द्वारा कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है। नवगठित पीठ ने नए मुकदमों पर विचार करने पर रोक लगाने के आदेश के विरोध को खारिज कर दिया। कानून की वैधता को चुनौती देने वालों की ओर से पेश वकीलों ने इस आदेश का विरोध किया था। पीठ ने कहा, “मुकदमे दायर किए जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती। जब मामला इस अदालत के समक्ष विचाराधीन है तो क्या दूसरों के लिए इस पर रोक लगाना उचित नहीं होगा। जब तक हम मामले की जांच नहीं कर लेते, तब तक कोई प्रभावी आदेश या सर्वेक्षण आदेश पारित नहीं किया जा सकता।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top